श्री सुपारस भंडारी एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया के प्रथम अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक थे ।वे सांस्कृतिक रूप से सम्पन्न राज्य राजस्थान से हैं । वे विज्ञान एवं विधि में स्नातक हैं ।

श्री भंडारी ने अपने कैरियर की शुरूआत बीमा व्यवसाय में 1966 से की । वे ओरिएण्टल इंश्योंरेंस कंपनी लिमिटेड में महाप्रबंधक एवं निदेशक के पद तक पदोन्नत हुए। तत्पश्चात उन्होंने एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया की बागडोर संभाली ।

एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया के प्रथम अध्यक्ष प्रबंध निदेशक होने के नाते उन्होंने कंपनी का कार्यालय स्थापित किया कंपनी के प्रचालनों को कुशलतापूर्वक चलाने हेतु उन्होंने बुनियादी ढांचा तैयार किया तथा कार्मिकों की भर्ती की उनके नेतृत्व की बदौलत किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए  बहुत से नए बीमा उत्पाद तैयार हुए जिनका शुभारंभ भारत सरकार के माननीय मंत्रीगणों द्वारा किया गया

अपने 38 वर्षों के कार्यकाल के दौरान विभिन्न कार्यकर्ता का उत्तरदायित्व लिया और 1986 में पशु बीमा हेतु सबसे अधिक प्रीमियम प्राप्त करने पर उन्हेंरूरल इंश्योरेंस मैन की उपाधि दी गई अपने कैरियर का अधिकांश समय उन्होंने ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों के प्रचालन से संबंधी कार्य किए और इसीलिए उन्हें ग्रामीण जनता तक बीमा पहुंचाने में आने वाली चुनौतियों का पूर्ण ज्ञान था निरक्षर किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उन्होंने बीमा लेखन और दावा प्रक्रिया को सरल एवं सहज भी बनाया

यूनाईटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, नई दिल्ली के क्षेत्रीय प्रबंधक के रूप में श्री भंडारी ने अपने असाधारण कार्यनिष्पादन हेतुप्रधान कार्यालय ट्राफी प्राप्त की। उन्होंने अनेक अन्तर्राष्ट्रीय गोष्ठियों में भी भाग लिया।

श्री भंडारी विभिन्न समाजिक, सांस्कृतिक एवं लोकोपकारी गतिविधियों में शामिल रहते हैं वे स्वास्थ्य, शिक्षा और समाजिक कल्याण के क्षेत्र में विभिन्न संस्थानों से जुडे हुए है